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Date Of Birth And Your God

अपनी जन्म तिथि अनुसार जाने कि हमे किस की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

हमारे जीवन में हिंदु धर्म में हमारे सभी देवता हमे किसी न किसी ऊर्जा से जोड़ते हें, जैसे राम जी मर्यादा से हनुमान जी बल व बुद्धि से सरस्वती जी शिक्षा से और देवी दुर्गा शक्ति का प्रतीक हैं। इसी तरह से अंक ज्योतिष के अनुसार अगर हम सही देवी देवता को पूजना शुरु कर दे तो हम सही ऊर्जा शक्ति से जुड़ सकते हैं। तो आइए जाने के आपके जन्म अंक के अनुसार आपको किन देवी देवता की आराधना करनी चाहिए। 

1. अगर आप का मुख्य अंक एक दस उन्नीस या अठ्ठाईस हैं तो आपका मुख्य अंक एक हैं जिसका स्वामी सूर्य हैं। ऐसे लोगों को गुस्सा एक दम आता हैं और उस समय में ये क्या कर जाए या क्या कह जाए इन्हें भी पता नहीं चलता हैं। ऐसे लोग अगर सूर्य नारायण की पूजा आराधना करते हैं, तो जीवन में बहुत से कार्य सिद्ध होने लगेंगे। सूर्य ही ऐसे देवता हैं जिनका पृथ्वी पर साक्षात दर्शन कर सकते हैं, सुबह सबसे पहले आप सूर्य को जल दे और प्रणाम करें। उसके बाद अपने पिता और पिता समान के चरण स्पर्श करें।        कोई भी सवाल पूछे। 

2. अगर आपका मुख्य अंक दो ग्यारह बीस या उनतीस हैं तो आपका मुख्य अंक दो हैं जिसका स्वामी चंद्रमा हैं। जैसे चंद्रमा की अवस्थाएं बदलती हैं उसी तरह से ही ऐसे लोगों की मन की अवस्थाएं भी बदलती रहती हैं। जिससे इनका व्यवहार भी बदलता रहता हैं। जैसे चंद्रमा सूर्य से रोशनी लेता हैं वैसे ही यह लोग भी दूसरों की सहायता के साथ ही काम कर सकते हैं। इन लोगों को भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए और पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को जल चढ़ाना चाहिए और शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए। इन्हें हमेशा अपनी माता और माता समान स्त्रियों का हमेशा सम्मान करना चाहिए।  

3. अगर आपका जन्म महीने की तीन बारह इक्कीस या तीस तारीख को हुआ हैं तो आपका मुख्य अंक तीन हैं, जिसका स्वामी गुरु हैं। जैसे गुरु का कार्य दूसरों को मार्ग दर्शन करना होता हैं वैसे ही ये लोग दूसरों का भला करते हैं और उनको सही रास्ता दिखाते हैं। इन्हें भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए और अपने गुरुओं और बड़े भाई का हमेशा सम्मान करना चाहिए।

4. जिन लोगों का जन्म महीने की चार तेरह या बाईस तारीख को हुआ हैं उनका मुख्य अंक चार हैं, जिसका स्वामी राहु ग्रह हैं। जिस तरह से राहु का केवल सिर हैं, सिर में क्या हैं दिमाग, उसी तरह से ये लोग हमेशा कुछ न कुछ विचार ही करते रहते हैं, जिससे चाहे इनका या सामने वाले का भला हो या न हो उसकी इनको समझ ही नहीं होती हैं। अगर इनके विचार सही दिशा में नहीं होते हैं, तो जीवन में भटकाव ही रहते हैं। उसके लिए इनको गणेशजी या मां सरस्वती की आराधना या भैरव देव की आराधना करनी चाहिए। मां सरस्वती इनके विचारो को सही दिशा में लगाएगी क्योंकि मां सरस्वती बुद्धि देने का काम करती हैं।

5. जिन लोगों का जन्म महीने की पांच चौदह या तेईस तारीख को हुआ हैं उनका मुख्य अंक पांच हैं। पांच अंक का स्वामी बुध ग्रह हैं जो बुद्धि का ग्रह हैं। ये लोग किसी भी बात को बहुत बारीकी से देखते हैं। अगर ये लोग अपनी बुद्धि का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं तो ये भटक जाते हैं। बुध ग्रह धन और व्यापार का कारक हैं, अगर ये लोग भगवान गणेश की आराधना करते हैं तो इनकी बुद्धि सही में चलने लगेगी और ये अपनी बुद्धि से धन को आकर्षित कर सकते हैं। इन्हें अपनी बहन बुआ और बेटी के साथ हमेशा संबंध मधुर रखने चाहिए।       अपने बारे में जाने। 

6. अगर आपका जन्म महीने की छ: पंद्रह या चौबीस तारीख को हुआ हैं तो आपका मुख्य अंक छ हैं जिसका स्वामी शुक्र ग्रह हैं। ऐसे लोग बहुत संवेदनशील व्यवहार के होते हैं क्योंकि शुक्र स्त्री ऊर्जा का ग्रह हैं। इन में परखने की क्षमता अच्छी होती हैं। इनका चुनाव सबसे बेहतर की ओर रहता हैं। इन्हें मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए और कन्याओं की किसी न किसी रुप में सेवा करनी चाहिए।

7. अगर आपका जन्म महीने की सात सोलह या पच्चीस तारीख को हुआ हैं तो आपका मुख्य अंक सात हैं। जिसका स्वामी केतु हैं, जैसे केतु का सिर नहीं हैं वैसे ही ऐसे लोग अगर भ्रम में आ जाये तो अपनी दिशा भूल सकते हैं। ऐसे लोग बहुत अच्छे मित्र होते हैं क्योंकि ये मित्रता बिना किसी स्वार्थ के निभाते हैं, इनके पास दिमाग ही नहीं हैं बेवजह के मतलब निकालने का। इसलिए ये जिनके साथ जुड़ते हैं समर्पण के साथ जुड़ते हैं। ये कोई भी कार्य करते हैं उस में दिन रात एक कर देते हैं। इन्हें गणेश जी या नर सिंह देव की आराधना करनी चाहिए। इन्हें साधु-संतो की सेवा करनी चाहिए।

8. अगर आपका जनम महीने की आठ सत्रह या छ्ब्बीस को हुआ हैं जिसका स्वामी ग्रह कर्मों का कारक शनि हैं। ये लोग बहुत मेहनती होते हैं लेकिन इन्हें अपनी मेहनत का सही फल नहीं मिल पाता हैं और कार्य के फल में देरी होती हैं। इन्हें शिव जी की आराधना करनी चाहिए और अपने आसपास जितने भी कर्मचारी लोग हैं जैसे आपके घर काम करने वाले नौकर या आपकी सेवा में काम आने वाले लोग हैं, तो उनको कभी निराश नहीं करना हैं, नहीं तो आपके कर्म बंधन आपको परेशान करेंगे।

9. अगर आपका जन्म महीने की नौ अठ्ठारह या सत्ताईस को हुआ हैं तो आपका मुख्य अंक नौ हैं जिसका स्वामी शक्ति का कारक मंगल ग्रह हैं। ऐसे लोगों में बहुत ऊर्जा रहती हैं और ये हमेशा सक्रिय रहते हैं, इन्हें हमेशा कोई न कोई कार्य करते रहना चाहिए नहीं तो इनकी ऊर्जा चेनेलाईज़ नहीं होती हैं जिससे काम सही दिशा में नहीं हो पाता हैं और वह सोचता ही रह जाता हैं। इन्हें भगवान हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए और अपने छोटे भाई बहनों की इज़्ज़त करनी चाहिए।                                   अंक ज्योतिष सीखें। 

               अगर आप भी अपनी जन्म तिथि के अनुसार अपने इष्ट देवता या अन्य कुछ जानने के इच्छुक हैं तो हमसे सम्पर्कं कर सकते हैं हम आपकी सभी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे।   


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