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Vaastu Of Bank

                              वास्तुनुसार बैंक का निर्माण

                आज के आधुनिक यूग मे बैंक हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है जिसका निर्माण अगर वास्तु नियमों के अनुसार हो जाये तो बैंक के अधिकारी और सामान्य लोगों के लिए बहुत सी समस्या का समाधान हो जाएगा। बैंक के वास्तु नियमों मे यह बात बहुत महत्वपूर्ण है, कि ग्राहक के साथ अच्छे सम्बंधों के साथ सुविधा व भरोसे का भी ध्यान रखा जाये। ग्राहक को अपने धन की चिंता होती है, जिससे वास्तु अनुसार बैंक का निर्माण होने से बहुत सी दुर्घटनाओ से बचा जा सकता है।   

बैंको के लिए आदर्श वास्तु के कुछ महत्वपूर्ण नियमों का उल्लेख किया जा रहा है।    

  • बैंक के लिए धन की दिशा उत्तर या पूर्व सबसे आदर्श स्थान है।
  • उत्तर-पूर्व मे जल का स्रोत्र होना शुभ माना जाता है। पेंट्री के लिए आग्नेय दिशा सबसे उपयुक्त है।  
  • बैंक का प्रवेश द्वार पूर्व, ईशान या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। मुख्य द्वार पर कोई बाधा भी नही होनी चाहिए।
  • फाईले, कागज़ और जरूरी सामान उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम मे होना चाहिए। स्टेशनरी उत्तर-पश्चिम मे रखे।
  • नकदी के लिए लकडी के काउंटर होने चाहिए। कैश काउंटर और कैशियर का स्थान उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व की ओर होना चाहिए। मुख्य कैश रुम जहां सारी नकदी जमा होती है वह दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम मे हो और उसका मुख उत्तर की ओर खुले।
  • बैंक के मुख्य मैंनेज़र को दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम मे बैठना चाहिए।     
  • बैंक के कर्मचारियों का स्थान पश्चिम मे होना चाहिए और उनका मुख उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए।
  • किसी भी तरह इंकवायरी के लिए पूर्व मे स्थान होना चाहिए। प्रतिक्षा क्षेत्र उत्तर-पश्चिम मे होना चाहिए, पास मे ही ड्राप बॉक्स होना चाहिए।
  • एटीएम मशीन दक्षिण-पूर्व मे होनी चाहिए।  
  • बैंक की दिवारो क रंग सफेद या पीले होने चाहिए।
  • पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण मे सीढियों को स्थान दे।       
  • Vaastu is basically a traditional Indian system of architecture that originated in India. Vaastu Shastra is the textual part of Vaastu Vidhya. To simplify it “Vaastu” relates to the science of direction that combines all the five elements of nature and balances them with man and materials. It also consists of rules, formulas, and patterns for the execution of the process and for the construction of the houses. Vaastu helps to ensure prosperous and harmonious living in the house by eliminating all the negative energies around us, which have taken away peace from our lives. Vaastu aims to make harmonious buildings at places in tune with mother-nature so that the people residing in a particular building live a happy life.

    It is believed that if a building is not constructed or built on the terms of Vaastu, then the thinking, action, and nature of the people inhabiting or working in these buildings is not harmonious and progressive. On the other hand, if the building follows principles of Vaastu then all Divine Powers help and support people’s positive thinking and progressive actions.

    At Raghauv Astrology, our Vaastu Experts shall do a complete detailing of your Living as well as Business space so that you can lead a prosperous & harmonious life.

  • We shall visit the land for new construction and define the designated places as per Vaastu. Charges for the same shall be explained during the visit.
  • We shall Analyse your house for any Vaastu-Dosh and provide the remedies to overcome the impact.
  • We shall relate any life issue being faced by you that could be related to Vaastu-Dosha at your house & provide appropriate solution for the same.
  • Facing any regular issues in your business that can be neutralized with the help of Vaastu.
  • Facing any issue related to studies of your child can be cured effectively with the help of Vaastu.
  • For further details & availing any of our services, please contact:

    Acharya Mohini Bhardwaj


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